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यूपी चुनाव बसाए रखेगा भूपेश बघेल का गांव…अब भूल जाओ ढाई ढाई साल का सवाल
छत्तीसगढ़, जगदलपुर, राजनीति, लेख

यूपी चुनाव बसाए रखेगा भूपेश बघेल का गांव…अब भूल जाओ ढाई ढाई साल का सवाल

जगदलपुर(वरिष्ठ पत्रकार अर्जुन झा की कलम से) छत्तीसगढ़ की राजनीति में उथल पुथल मचाने वाला एक सवाल अक्सर उभर जाता है। मुख्यमंत्री पद के ढाई ढाई साल के फार्मूले की कहीं कोई जमीनी हलचल न होने के बावजूद इस मुद्दे पर तब तब सवाल खड़ा होता रहता है, जब दिल्ली से कोई कांग्रेसी दिग्गज छत्तीसगढ़ आता है अथवा यहाँ से दिल्ली जाकर कोई वापस आता है। हर बार जवाब मिल जाता है कि ऐसा कुछ भी नहीं है। मगर यह सवाल पूछने का दौर थमने का नाम नहीं ले रहा। अभी सीएम बघेल दिल्ली का दिल जीत कर लौटे तो फिर सवाल दाग दिया गया। उन्होंने भी जवाब दोहरा दिया कि आला कमान ने मुख्यमंत्री बनाया। उसके कहने पर हट जायेंगे। वैसे भूपेश बघेल आधा कार्यकाल गुजार चुके हैं। अगर आधे आधे कार्यकाल का कोई फार्मूला होता तो परिवर्तन के संकेत पहले से ही मिलने लगते। लेकिन ऐसा कुछ है, यह मानने वालों का मन मानने को तैयार ही नहीं होता! ...
एक खरीदें एक मुफ्त पाएं : तय आपको करना है क्या खरीदोगें
लेख, छत्तीसगढ़, दिल्ली, देश, बंगाल, मध्य प्रदेश, मनोरंजन, महाराष्ट्र, राजस्थान, राजस्थान

एक खरीदें एक मुफ्त पाएं : तय आपको करना है क्या खरीदोगें

देखने में यह एक मार्केटिंग लगती है लेकिन जीवन में इसके कई मायने हैं -------------- अगर हम क्रोध खरीदते हैं तो हमें एसिडिटी मुफ्त में मिल जाती है। -------------- अगर हम ईर्ष्या खरीदते हैं तो सिरदर्द मुफ्त में मिल जाता है। -------------- अगर हम नफरत खरीदते हैं तो अल्सर मुफ्त में मिल जाता है। -------------- अगर हम तनाव खरीदते हैं तो रक्तचाप मुफ्त में मिल जाता है। -------------- अगर बातचीत से विश्वास खरीदते हैं, तो दोस्ती मुफ्त में प्राप्त हो जाती है। -------------- -------------- अगर हम व्यायाम खरीदते हैं तो अच्छा स्वास्थ्य मुफ्त में पाते है। -------------- अगर हम शांति खरीदते हैं तो हमें समृद्धि मुफ्त में प्राप्त हो जाती है। -------------- अगर हम ईमानदारी खरीदते हैं तो अच्छी नींद मुफ्त में प्राप्त हो जाती है। -------------- अगर हम प्यार भाव ख...
जैन धर्म और मास्क – भूपेन्द्र “भूप्पी” की बेबाक कलम से…..
कोरोना वायरस, छत्तीसगढ़, देश, धर्म / ज्योतिष, रायपुर, लेख, स्वास्थ्य

जैन धर्म और मास्क – भूपेन्द्र “भूप्पी” की बेबाक कलम से…..

जैन धर्म का वास्तविक सनातन नाम है श्रमण धर्म, सरल अर्थों में कहें तो श्रमण परंपरा, विचारधारा ही जैन धर्म है जिसके प्रमुख आधारों व सिद्धान्तों में से सबसे महत्त्वपूर्ण सिद्धांत है अहिंसा अहिंसा परमो धर्म: के मूल सिद्धांत के साथ वीतराग  तीर्थंकर देवों जिनवाणी के अनुसार ही जैन धर्म की सम्पूर्ण विचारधारा/परंपरा संस्कृति विश्व के सबसे प्राचीनतम धर्मों के रुप में विद्यमान है, जिसका न आदि न अंत जो शाश्वत है वही सनातन है उसी तरह जैन धर्म अर्थात श्रमण धर्म व वैदिक धर्म विश्व के सबसे प्रमुख प्राचीन सनातन धर्म है। निर्ग्रन्थ श्रमण संस्कृति अर्थात जैन धर्म के बहुत से आयाम, बहुत से घट,प्रक्रियाएं, संस्कार, संस्कृति, पूजा- प्रार्थना, अध्यात्म, क्रियाएं, पद्धतियां- वैचारिकता विद्यमान है, उनमें से सामायिक- पूजन की विधियां रीतियाँ भी शामिल है। जैन धर्म के मतावलंबी अपने अपने पूजन सामायिक पद्धत...
ऐतिहासिक तथ्य : रायगढ़ जिले में मारवाड़ी कब से हैं ? जानकर होगें हैरान – पढ़िये पूरा लेख
उद्योग व्यापार बाजार, लेख

ऐतिहासिक तथ्य : रायगढ़ जिले में मारवाड़ी कब से हैं ? जानकर होगें हैरान – पढ़िये पूरा लेख

रायगढ़/एक्ट इंडिया न्यूज मारवाड़ी समुदाय देश के जिस हिस्से में भी हैं, जहां भी गए वहां उन्होंने आर्थिक विकास की इबारत लिखी। इनके लगन, परिश्रम और वंशानुगत व्यापारिक गुण न सिर्फ उनकी बल्कि उस क्षेत्र के भी आर्थिक समृद्धि बल्कि उस क्षेत्र के भी आर्थिक विकास में बहुत महत्वपूर्ण योगदान दिया है। दरअसल यह एक ऐतिहासिक दस्तावेज है जो इस जिले के आर्थिक उन्नति का इतिहास बताती है। सारंगढ़ राजघराने के डॉ परिवेश मिश्र ने फेसबुक में इसे पोस्ट किया है। उन्होंने दावा किया है कि यह जानकारी सारंगढ़ राजमहल के दस्तावेज में भी दर्ज है। राजा सूरजमल से जुड़ी है कहानी उन्नीसवीं सदी के अंतिम दशक की एक सुबह सूरजमल अपनी पत्नी और छोटे भाई के साथ रायगढ़ से बैलगाड़ी में रवाना हुए। लगभग 17 मील दूर दो विशाल नदियों के बीच बसे चन्द्रपुर पहुंचे तो बैलगाड़ी छोड़ना पड़ी। पैदल और नाव के बाद उन्होंने यात्रा जार...
उतर रही है कोरोना की नदी – तारन प्रकाश सिन्हा
छत्तीसगढ़, देश, रायपुर, लेख

उतर रही है कोरोना की नदी – तारन प्रकाश सिन्हा

हम सबको अकल्पनीय पीड़ाएं देकर कोरोना लौट रहा है --------------- एक जीवन का मिट जाना केवल एक व्यक्ति का चले जाना नहीं होता बचे हुए लोगों को बचाए रखना है --------------- कोरोना की वजह से जिन बच्चों ने अपने माता-पिता को खो दिया है --------------- ये बच्चे हमारे भविष्य की धरोहर हैं इनकी पढ़ाई का जिम्मा भी सरकार लेगी --------------- बाढ़ जैसे-जैसे उतरती है, तबाही का असली मंजर वैसे-वैसे प्रकट होने लगता है। कोरोना की नदी भी उतर रही है। चरम को छूकर संक्रमण दर लगातार कम हो रही है। छत्तीसगढ़ में यह 6 प्रतिशत से नीचे आ चुकी है। नये संक्रमितों का आंकड़ा भी 3 हजार प्रतिदिन के आस-पास आ चुका है। उम्मीद है कि जल्द ही सब कुछ ठीक हो जाएगा। हम अपनी सामान्य दिनचर्या की ओर लौट आएंगे।…लेकिन तब क्या सचमुच सब कुछ सामान्य हो चुका होगा ? बाढ़ के उतरने के बाद के बाद भी जो वृक्ष बचे ...
व्यापार व रोजगार : आज के समय बिज़नेस को कैसे बचाएं
उद्योग व्यापार बाजार, दुनिया, देश, लेख

व्यापार व रोजगार : आज के समय बिज़नेस को कैसे बचाएं

वैश्विक अर्थव्यवस्था में तेज़ी मंदी का दौर चलता ही रहता है, इसके विभिन्न कारण होते हैं। हाल ही में कोरोनोवायरस के प्रकोप और इसके प्रभाव से वैश्विक अर्थव्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हुई है। इससे लगभग सभी छोटे बड़े व्यापार एवं उद्योग प्रभावित हुए हैं, परन्तु छोटे कारोबारियों को इसने सर्वाधिक प्रभावित किया है और उनके सामने रोज़ी रोटी का संकट आ गया है। बीते समय में भी मंदी आती रही है, भले ही तब इसका कारण कुछ और था। आगे भी मंदी कब आएगी यह कहना अनिश्चित है। किसी भी समय वित्तीय अस्थिरता आने पर चाहे वह वैश्विक अर्थव्यवस्था में मंदी के कारण हो या बिज़नेस मैनेजमेंट में त्रुटि के कारण हो, आपको अपने व्यवसाय की नीतियों का पुनर्मूल्यांकन करने का समय होता है। किसी भी मंदी के दौरान अपने व्यवसाय को बनाए रखना मुश्किल है, लेकिन असंभव नहीं है। छोटे उद्योग के मालिकों और छोटे कारोबारियों के लिए जरूरी ह...
सलाह नहीं साथ चाहिए – इसे पूरा पढ़ते जाइये!
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सलाह नहीं साथ चाहिए – इसे पूरा पढ़ते जाइये!

एक बार एक पक्षी समुंदर में से चोंच से पानी बाहर निकाल रहा था। --------------- दूसरे ने पूछा भाई ये क्या कर रहा है? उसने बोला इस समुंदर ने मेरे बच्चे डुबो दिए अब मैं इसे सूखा दूँगा, दूसरा पक्षी बोला भाई तुझसे क्या समुंदर सूखेगा, तू तो बहुत छोटा है तेरा पूरा जीवन लग जाएगा, पहला बोला देना है तो साथ दे, सिर्फ सलाह नहीं चाहिए, ऐसे में अन्य पक्षी भी आते गए सभी एक दूसरे को कहते रहे 'सलाह नहीं साथ चाहिए'। इस तरह हजारों पक्षी काम पर लग गए, ये देख भगवान विष्णु जी का वाहन गरुड़ भी वहाँ जाने लगा, भगवान बोले तू वहाँ जाएगा तो मेरा काम रुक जाएगा और तुम पक्षियों से वो समुंदर सुखना भी नहीं है, गरुड़ बोले प्रभु 'सलाह नहीं साथ चाहिये' फिर क्या था जैसे ही विष्णु जी आये समुंदर सुखाने, समुंदर डर गया और उसने उस पक्षी के बच्चे लौटा दिए। इसलिए हमेशा याद रखें किसी भी महामारी के समय इंसानों को आपकी 'स...
इस्लाम में भी है भूतों से बचाव का उपाय – तेजवानी गिरधर की कलम से दूसरा अंक…..
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इस्लाम में भी है भूतों से बचाव का उपाय – तेजवानी गिरधर की कलम से दूसरा अंक…..

जिस तरह हिंदू मतावलंबियों में भूत-पिशाच इत्यादि से बचाव के लिए हनुमान चालीसा व रामचरित मानस के सुंदर कांड का पाठ करने की परंपरा है, उसी प्रकार इस्लाम को मानने वाले भी भूत-प्रेत को दूर भगाने का उपाय करते हैं। कदाचित सभी मुस्लिमों को उस उपाय के बारे में जानकारी होगी क्योंकि मदरसे की शुरुआती तालीम में ही इसका रियाज करवाया जाता है, मगर शायद हिंदुओं को इसकी जानकारी न हो। सर्वविदित है कि जब भी कोई शुभ काम करते हैं तो उसमें बाधा न आने के लिए कई लोग सुंदरकांड का पाठ करवाते हैं। इसी प्रकार जब भी किसी स्थान पर भय प्रतीत हो तो हनुमान चालीसा का पाठ करने की सलाह दी जाती है, ताकि वहां मौजूद दुष्टात्माएं भाग जाएं। हनुमान चालीसा में ही लिखा है कि भूत-पिशाच निकट नहीं आवे, महावीर जब नाम सुनावे। स्वाभाविक रूप से यह आम जिज्ञासा होती होगी कि मुस्लिम ऐसी स्थिति में क्या करते हैं? इस्लाम के जान...
अपनी गली में कुत्ता भी शेर क्यों होता है? – तेजवानी गिरधर की कलम से पहला अंक……
देश, लेख

अपनी गली में कुत्ता भी शेर क्यों होता है? – तेजवानी गिरधर की कलम से पहला अंक……

एक कहावत आपने सुनी होगी- अपनी गली में तो कुत्ता भी शेर होता है। वो इसलिए कि वह खुद को अपनी गली का राजा मानता है। किसी भी अन्य कुत्ते, सूअर, बिल्ली आदि को वह प्रवेश नहीं करने देता। आसन की महत्ता हम इंसान तो जानते ही हैं, एक कुत्ता तक इसका महत्व जानता है। वह गली में निर्माणाधीन मकान के पास डाले गए बजरी के ढ़ेर पर चढ़ कर बैठता है, और यह अहसास करता है मानो किसी सिंहासन पर बैठा हो। आसन ही क्या, वह अपना साम्राज्य अर्थात क्षेत्र तक बिजली के पोल या वृक्ष पर मूत्र विसर्जन करके तय करता है। गलती से वही कुत्ता किसी अन्य गली में पहुंच जाता है तो वहां का कुत्ता उस पर हावी हो जाता है और उसे दुम दबा कर भागना पड़ता है। इसका भावार्थ ये है कि अपने लिए सुरक्षित स्थान पर हर कोई पूरी क्षमता के साथ काम कर सकता है, जबकि असुरक्षित जगह पर वही प्रतिभा सशंकित हो कर कमजोर बनी रहती है। वस्तुत: महत्ता व्यक्ति की नही...