सावधान : चीनी एप्प के माध्यम से रकम डबल करने का वादा कर ठग लिये 3 हजार करोड़ से ज्यादा की रकम..

सावधान : चीनी एप्प के माध्यम से रकम डबल करने का वादा कर ठग लिये 3 हजार करोड़ से ज्यादा की रकम.. Pradakshina Consulting PVT LTD Support Us

चीन में बैठे धोखेबाज़ों ने ऐप पर

एक घंटा बिताने की एवज में

10 रुपये मिलने का दिया लालच!

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ठगे गये 5 लाख भारतीयों में

छत्तीसगढ़ के पीड़ित भी शामिल..

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  • चीन में बैठे साइबर क्राइमरों ने भारत में लोगों का पैसा दोगुना करने का वादा किया और इस चक्कर में भारतीयों के हजारों करोड़ रुपये लूटकर चलते बने। इन ठगों ने लगभग 5 लाख भारतीयों की मेहनत की कमाई पर डाका डाला है तथा तीन हजार करोड़ से ज्यादा की रकम ठग ली है. मामला सामने आने के बाद दिल्ली पुलिस ने इन चीनी ऐप्स के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई करते हुए भारत में 12 लोगों को गिरफ्तार किया है.
  • दिल्ली पुलिस ने पहले संदिग्ध शेख रॉबिन को पश्चिम बंगाल के उलुबेरिया से गिरफ्तार किया। दो चार्टर्ड एकाउंटेंट, रौनक बंसल और अविक केडिया को दिल्ली और गुरुग्राम से पकड़ा गया, जबकि 5 अन्य आरोपियों उमाकांत आकाश जॉय्स, वेद चंद्र, हरिओम, अरविंद और अभिषेक मंसारमानी को दिल्ली से गिरफ्तार किया गया। वे इन शेल कंपनियों के निदेशक के रूप में काम कर रहे थे। दो और आरोपियों, शशि बंसल और मिथिलेश शर्मा को फर्जी कंपनियां और बैंक खाते उपलब्ध कराने के आरोप में पकड़ा गया। दिल्ली एयरपोर्ट से एक तिब्बती महिला को भी गिरफ्तार किया गया।
  • दिल्ली पुलिस के कमिश्नर एस. एन. श्रीवास्तव के मुताबिक, पुलिस ने विभिन्न बैंक खातों और पेमेंट गेटवे में 11 करोड़ रुपये फ्रीज कर दिए और चार्टर्ड एकाउंटेंट अविक केडिया के गुरुग्राम स्थित घर से 97 लाख रुपये नकद जब्त किए हैं। उन्होंने अपने चीनी आकाओं के लिए 110 से अधिक शेल कंपनियां बनाई थीं। वह अपने चीनी मास्टरमाइंड से शेल कंपनियां बनाने के लिए 3 लाख रुपये लेता था। एक अन्य चार्टर्ड अकाउंटेंट रौनक बंसल सारे लेन-देन का रिकॉर्ड रखता था, और क्रिप्टोकरंसी के माध्यम से अपने चीनी आकाओं को पैसे ट्रांसफर करता था।
  • भारत के भोले-भाले लोगों ने कम समय में ज्यादा पैसा कमाने की उम्मीद में इन चीनी ऐप्स को 50 लाख से ज्यादा बार डाउनलोड किया था। दरअसल चीन की कुछ कंपनियों ने गुगल प्ले स्टोर पर EZPlan और Power Bank जैसे फ्रॉड ऐप्स को उतारा और 24 से 35 दिनों के भीतर इन्वेस्ट किए गए पैसे को दोगुना करने का लालच दिया। 300 रुपये से लेकर 10 लाख रुपये तक के निवेश पर प्रति घंटा या दैनिक आधार पर रिटर्न की पेशकश की गई थी। शुरुआत में पैसे लगाने वाले लोगों का भरोसा जीतने के लिए छोटी रकम पर रिटर्न दिया गया और उसके बाद लंबा हाथ मारा गया।
  • इन ऐप्स में पैसा लगाने वाले सैकड़ों लोगों द्वारा दिल्ली पुलिस में शिकायत करने के बाद एक युवा साइबर सेल अधिकारी को चीनी नेटवर्क में घुसपैठ करने और विभिन्न खातों में पैसे के ट्रांसफर के बारे में पता लगाने के काम पर लगाया गया था। चीनी नेटवर्क में घुसपैठ के बाद दिल्ली पुलिस लिंक पेमेंट गेटवे, यूपीआई, ट्रांजेक्शन आईडी और घोटालेबाजों द्वारा इस्तेमाल किए गए बैंक खातों की पहचान करने में कामयाब हो गई। कई कनेक्टेड सेलफोन नंबरों का पता चला जिनमें से ज्यादातर की जड़ें चीन में मिलीं। अब तक 25 शेल कंपनियों की पहचान की जा चुकी है जिनके जरिए घोटाले के पैसे को चीन ट्रांसफर किया जा रहा था।
  • इन ठगों के काम करने का तरीका बेहद आसान था। एक बार जब कोई शख्स ऐप को डाउनलोड करता है और अपना बैंक डिटेल रजिस्टर करता है, तो उसे शुरुआती रकम के रूप में 6 रुपये मिलते थे। 300 रुपये का निवेश करने पर एक दिन में 10 पर्सेंट मनीबैक, और २४ दिनों के बाद इन्वेस्ट किए गए पैसे को दोगुना करने की पेशकश की जाती थी।
  • इस ऐप को कम से कम 10 दोस्तों या रिश्तेदारों को फॉरवर्ड करने वाले लोगों को इन्सेंटिव अलग से देने की बात कही गई। उन्होंने लोगों को एक निश्चित शुल्क का भुगतान करने पर करोड़पति बनने के सपने दिखाए। शुरुआत में ऐप ने लोगों को रिटर्न में पैसे भी दिए, लेकिन जैसे ही किसी ने ज्यादा पैसा लगाया, तो रिटर्न के साथ-साथ अकाउंट भी बंद हो गया और ऐप्स से संपर्क करने का कोई जरिया भी नहीं बचा।
  • दिल्ली पुलिस अब तक 200 करोड़ रुपये की ठगी का रिकॉर्ड निकाल चुकी है। पैसों का यह ट्रांसफर 2 पेमेंट गेटवे के जरिए हुआ है। पुलिस का मानना है कि पूरा घोटाला कई हजार करोड़ रुपये का हो सकता है क्योंकि उम्मीद है कि ठगी का शिकार हुए कई और लोग अपनी इन्वेस्टमेंट की डिटेल भेजेंगे।
  • बताया जाता है कि इस साइबर धोखाधड़ी का शिकार छत्तीसगढ़ के कुछ लोग भी हुए हैं लेकिन फिलहाल किसी ने कोई रिपोर्ट दर्ज नही कराई है या फिर ज्यादा बड़ी रकम ना होने के कारण लोग चुप बैठे हैं. लेकिन खुलासा होने के बाद अब सतर्क हो जाने की जरूरत है।

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