धर्म संसद में संत कालीचरण की टिप्पणी अशोभनीय – जैन संवेदना ट्रस्ट ने की निन्दा

धर्म संसद में संत कालीचरण की टिप्पणी अशोभनीय - जैन संवेदना ट्रस्ट ने की निन्दा Pradakshina Consulting PVT LTD Support Us

  • रायपुर/एक्ट इंडिया न्यूज/30/12/2021
  • धर्म संसद में संत कालीचरण द्वारा राष्ट्रपिता महात्मा गांधी पर की गई अशोभनीय टिप्पणी की जैन संवेदना ट्रस्ट घोर निंदा करता है। ट्रस्ट के महेन्द्र कोचर व विजय चोपड़ा ने कहा कि सर्वविदित है कि महात्मा गांधी भगवान महावीर स्वामी के अहिंसा सिद्धान्त से प्रेरित होकर उसी राह पर आजादी का आंदोलन चलाया था और अंग्रेजों से भारत को सम्पूर्ण आजादी दिलवायी थी अहिंसा की राह पर चलकर ही विश्व मे साम्प्रदायिक सौहार्द की मिसाल कायम की थी।
  • महेन्द्र कोचर व विजय चोपड़ा ने आगे कहा कि संत कालीचरण का बयान राजनीति से प्रेरित लगता है एवं छत्तीसगढ़ के साम्प्रदायिक सौहार्द को बिगाड़ने वाला है। स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान महात्मा गांधी अनेक बार छत्तीसगढ़ की माटी में आये उनके साथ अनेक जैन समाज के स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों ने भी भाग लिया था। महात्मा गांधी ने अहिंसा के मार्ग पर चलते हुए छत्तीसगढ़ में अहिंसा व साम्प्रदायिक सौहार्द की मजबूत बुनियाद रखी थी जिसका परिणाम यह रहा कि पूरे छत्तीसगढ़ में आजादी के पहले व बाद के 74 वर्षों में सभी धर्म जाति सम्प्रदाय के लोग मिलजुल कर शांतिपूर्ण ढंग से रहते हैं।
  • महेन्द्र कोचर व विजय चोपड़ा ने कहा कि इस घटना के पीछे जो भी लोग हैं और साम्प्रदायिक सौहार्द को बिगाड़ने हवा दे रहे हैं वे निन्दनीय हैं। बाहर से आकर छत्तीसगढ़ के सोहार्द, शान्ति को बिगाड़ने का प्रयास कभी सफल नही हो सकता।
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