क्या प्रत्येक वर्ष भी मुख्यमंत्री बदले जायेगे, तब हम तो कुछ नही कहेगें ? – निर्मल

क्या प्रत्येक वर्ष भी मुख्यमंत्री बदले जायेगे, तब हम तो कुछ नही कहेगें ? - निर्मल Pradakshina Consulting PVT LTD Support Us

  • सम्पादकीय
  • छ्त्तीसगढ़ में सत्ता पर कॉग्रेस की सरकार है और भूपेश बधेल मुखमन्त्री यह तो हम सब जानते है और यह भी जानते है कि जनता ने पाँच वर्षो के लिये जनादेश दिया और सभी विधायकों के समर्थन से भूपेश बधेल मुख्यमन्त्री बने उस पर मुहर कॉग्रेस के हाई कमान ने लगाई। यह एक सभी पार्टीयों की प्रक्रिया होती है कि वो जिसे चाहती है उसे मुख्यमंत्री बना देती है सभी विधायक हाई कमान की भावनाओं का सम्मान करते हुए विधायक दल का मुखिया मान लेते है।
  • बरहाल, आज छत्तीसगढ़ की राजनीती में मुख्यमन्त्री को लेकर ढ़ाई ढ़ाई साल की कवायत पर जंग छिड़ी हुई है ऐसा कहा जाता है कि 2018 में सरकार बनते समय ही हाई कमान ने पॉच साल के कार्यकाल के लिये ढ़ाई ढ़ाई साल के लिये दो मुख्यमन्त्री बनाये जायेगें, इस कारण तत्कालीन समय सहमति बन गई थी और वर्तमान में मुख्यमंत्री ने कार्यकाल के ढ़ाई वर्ष का समय पूर्ण करने पर परिवर्तन का मुद्दा गर्मा गया है।
  • लेकिन अगर उक्त निर्णय हाई कमान ने नही लिया था व कोरी अफवाह ही थी तब तो ठीक है और अगर ढ़ाई ढ़ाई साल की कवायत वाला निर्णय लिया गया था तो जनहित में कुछ सवाल खड़े होते है।
  • कि जब जनता ने पॉच वर्षों के लिये जनादेश दिया तो मुख्यमन्त्री को पॉच वर्ष का पूर्ण कार्यकाल देना चाहिए जब तक कि कोई गंभीर आरोप न हो। अगर किसी महत्वाकांक्षी के कारण मुखिया बदला जाता है पार्टी में किसी एक को संतृष्ठ करने तब तो असंतृष्ठ जनता कही भविष्य में करारा जवाब न दे बैठे।
  • वैसे अगर यह परम्परा चल पड़ी तो आगे चल कर तुष्ठिकरण के चलते हर वर्ष मुख्यमंत्री बदलने की कवायत से इंकार नही किया जा सकता है, इसलिए पार्टी हाईकमान सोच कर निर्णण लेवे कि पाँच वर्ष की स्थिर सरकार दे रही है या उसे ढ़ाई ढ़ाई वर्षो में या हर वर्ष सरकार को अस्थिर करेगी अगर ऐसा ही होगा तो प्रदेश की जनता सभी प्रकार के लाभ से वंचित हो जायेगी साथ ही विकास कार्यो में भी स्थाई बांधाये आयेगी।
अब कॉग्रेस हाई कमान तुष्ठिकरण नीती अपनाते अगर प्रत्येक वर्ष मुख्यमंत्री व मंत्रीमण्डल को बदलने की भी कवायत करती है तो हम तो कुछ नही कहेगें।

और अन्त में…..

  • एक में और एक तू,

  • दोनों भिड़े इस तरह

  • और जो मिडिया में हो रहा है,

  • वो तो होना ही था।

Support Us

Leave a Reply

Your email address will not be published.