छत्तीसगढ़

सुरक्षित पारा, सुरक्षित लइकामन 3.0” डैशबोर्ड एवं “आज मौका है” पोस्टर का विमोचन – उच्च शिक्षा मंत्री टंकराम वर्मा के करकमलों द्वारा

नेहरू महाविद्यालय की

कार्यक्रम अधिकारी व

स्वयंसेविका सम्मानित

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  • रायपुर/एक्ट इंडिया न्यूज
  • 11 फरवरी 2026, बुधवार को महानदी भवन (मंत्रालय), रायपुर में “सुरक्षित पारा, सुरक्षित लइकामन 3.0” कार्यक्रम के अंतर्गत एक दिवसीय कार्यशाला एवं सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। इस अवसर पर कार्यक्रम के डैशबोर्ड तथा “आज मौका है” पोस्टर का विमोचन उच्च शिक्षा मंत्री टंकराम वर्मा के करकमलों द्वारा किया गया।
  • कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उच्च शिक्षा मंत्री टंकराम वर्मा उपस्थित रहे। साथ ही विशिष्ट अतिथियों के रूप में डॉ. एस. भारथी दासन (सचिव, उच्च शिक्षा विभाग), संतोष देवांगन (आयुक्त, उच्च शिक्षा विभाग), अशोक श्रोती (क्षेत्रीय निदेशक, राष्ट्रीय सेवा योजना भोपाल), अभिषेक सिंह (विशेषज्ञ, यूनिसेफ), सुश्री चेतना देसाई (बाल संरक्षण विशेषज्ञ) तथा डॉ. नीता बाजपेई (राज्य समन्वयक, छत्तीसगढ़) की उपस्थिति रही।

छत्तीसगढ़ के सात जिलों की 120

ग्राम पंचायतों की जानकारी साझा

  • इस कार्यक्रम के अंतर्गत छत्तीसगढ़ के सात जिलों की 120 ग्राम पंचायतों में संचालित गतिविधियों की जानकारी साझा की गई। कार्यक्रम में विभिन्न जिलों के कार्यक्रम समन्वयक, जिला संगठक अधिकारी, विश्वविद्यालयों के कार्यक्रम अधिकारी तथा राष्ट्रीय सेवा योजना के स्वयंसेवक एवं स्वयंसेविकाएं बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

नीलम चतुर्वेदानी व दिव्या वर्मा को

उत्कृष्ट कार्य के लिये किया सम्मानित

  • कार्यक्रम के दौरान जिला राजनांदगांव से शासकीय नेहरू स्नातकोत्तर महाविद्यालय, डोंगरगढ़ की राष्ट्रीय सेवा योजना महिला इकाई की कार्यक्रम अधिकारी श्रीमती नीलम चतुर्वेदानी को उत्कृष्ट नेतृत्व एवं सक्रिय सहभागिता के लिए सम्मानित किया गया। साथ ही महाविद्यालय की स्वयंसेविका दिव्या वर्मा को भी उत्कृष्ट कार्य एवं जनजागरूकता गतिविधियों में सक्रिय योगदान के लिए सम्मानित किया गया।
  • इस अवसर पर प्रो. संध्या तिवारी (कुलपति, हेमचंद यादव विश्वविद्यालय दुर्ग), डॉ. भूपेंद्र कुलदीप (कुलसचिव), जैनेन्द्र दिवान (कार्यक्रम समन्वयक, रासेयो) तथा श्रीमती मोनिका दास (जिला संगठक, रासेयो) ने सम्मानित कार्यक्रम अधिकारी एवं स्वयंसेविका को बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।
  • कार्यक्रम में “सुरक्षित पारा, सुरक्षित लइकामन” अभियान के माध्यम से बाल सुरक्षा, जागरूकता एवं सामाजिक सहभागिता को बढ़ावा देने के लिए किए जा रहे प्रयासों पर भी विस्तार से चर्चा की गई। यह कार्यक्रम राष्ट्रीय सेवा योजना एवं यूनिसेफ के संयुक्त सहयोग से संचालित किया जा रहा है।

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